पत्ते – ज्वर, वात-पित्त विकार, श्वसन रोग में उपयोगी
फूल – घाव, व्रण और सूजन में लाभकारी
तना – घाव और चोट में बाहरी उपयोग
अर्क – रक्तशोधन, ज्वर और वात-पित्त शमन
Useful Part
पत्ते
फूल
तना
Doses
पत्ते का रस या काढ़ा: 10–20 ml
फूल का अर्क: 5–10 ml
तना का लेप: घाव और चोट पर बाहरी उपयोग
Important Formulation
रक्तवासा पत्ते का रस (ज्वर और वात-पित्त विकार में)
फूल और तना का लेप (घाव और व्रण में)
Shloka
रक्तवासापत्रं ज्वरहरं वातपित्तशामकम्।
व्रणनाशकं सूजननाशकं च सदा।।