Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- कृमिघ्न (कीड़े नष्ट करने वाला),
कुष्ठघ्न (त्वचा रोग नाशक),
शोथहर (सूजन कम करने वाला),
व्रणरक्षक (घाव भरने में सहायक),
दीपनीय (पाचन में सहायक)
Doshakarma- कफ-वात शामक
Medicinal uses
त्वचा रोगों (कुष्ठ, दाद, फोड़े, फुंसी) में उपयोगी
यकृत विकारों में लाभकारी
व्रण (घाव) भरने में सहायक
सूजन और दर्द कम करने में सहायक
कृमि संक्रमण में उपयोगी
पाचन क्रिया को सुधारने में सहायक
Useful Part
छाल, पत्तियाँ, बीज
Doses
छाल चूर्ण – 3–5 ग्राम
पत्तों का क्वाथ – 20–40 मिलीलीटर
(वैद्य के परामर्श अनुसार मात्रा निर्धारित की जाए)
Important Formulation
बिना पत्तों का क्वाथ – त्वचा रोगों हेतु
बिना छाल का लेप – घाव एवं फोड़े में
बिना तेल – वात-कफ संबंधी विकारों में