एक छोटी, सुगंधित, एकवर्षीय या बहुवर्षीय जड़ी-बूटी।
Habitat
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में विशेषतः भारत, नेपाल, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका में सर्वत्र पाया जाता है। खेतों की मेड़, रास्ते के किनारे व खाली ज़मीनों में स्वतः उग आता है।
Morphology
ऊँचाई: 30 से 80 से.मी.
तना कोमल व रोमयुक्त
पत्तियाँ अंडाकार, हरे रंग की, किनारे से दंतीनुमा
फूल छोटे, नीले-बैंगनी रंग के, गुच्छों में लगते हैं
बीज छोटे और हल्के होते हैं, हवा से फैलते हैं।
Chemical Composition
Ageratochromene
Precocene I & II
Flavonoids
Alkaloids
Tannins
Coumarins
Saponins
Terpenoids
घावों पर पत्ती का लेप
त्वचा रोगों में प्रयोग
दंतशूल व मसूड़ों की सूजन में पत्तों का काढ़ा
ज्वरनाशक के रूप में
सिरदर्द में पत्तों का रस
पत्तियों का रस नाक में डालने से नकसीर में लाभ
Useful Part
पत्तियाँ
संपूर्ण पौधा
Doses
स्वरस (ताजा रस): 5-10 ml
क्वाथ: 30-50 ml
Important Formulation
किसी विशिष्ट आयुर्वेदिक फार्मकोपियल योग का वर्णन उपलब्ध नहीं, परंतु लोक चिकित्सा में अकेले प्रयोग किया जाता है।