संधिवात व आमवात में अर्क तैल
शूल, गुल्म, अर्श, श्वास, कास में उपयोग
व्रण व त्वग्विकारों पर बाह्य प्रयोग (पत्तों का लेप या सेक)
कृमिहर – पत्तियों का रस
कुष्ठ, स्वित्र व शीतपित्त में प्रयोग
दन्तशूल में क्षीर या अर्क लेप
धार्मिक पूजन एवं अभिषेक में विशेष उपयोग
Useful Part
पत्ती, मूल, क्षीर (latex), पुष्प
Doses
क्षीर – 1–2 बूँद (शोधन के पश्चात)
अर्क तैल – 5–10 ml
मूलचूर्ण – 1–2 gm