HERBAL GARDEN

हिज्जल (Hijjal)

Classification

Synoyms

Hijjala, Samudraphala, Vandhyaphala, Pani-vriksha, Jalodbhava

Habit

मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष (Medium-sized evergreen tree)

Habitat

यह वृक्ष भारत के अधिकांश भागों में नदियों, तालाबों और दलदली भूमि के किनारे पाया जाता है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया, श्रीलंका, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया तक विस्तृत है।

Morphology

  • ऊँचाई: 6–15 मीटर तक
  • छाल: भूरे रंग की, मोटी, खुरदरी
  • पत्तियाँ: लंबी, चौड़ी, विपरीत क्रम में स्थित, चमकदार
  • फूल: लाल या गुलाबी रंग के, लटकते हुए गुच्छों में
  • फल: चार कोणों वाला, कठोर खोलयुक्त
  • बीज: एक या दो, अंदर स्थित

Chemical Composition

सैपोनिन्स (Saponins)
टैनिन्स (Tannins)
फ्लेवोनॉइड्स (Flavonoids)
ट्राइटरपेनॉइड्स (Triterpenoids)
एल्कलॉइड्स
स्टेरॉल्स
पेक्टिन
आवश्यक तेल (Essential oils)

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कटु, कषाय
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- कृमिघ्न (कीटाणु नाशक), रक्तशोधक (रक्त शुद्ध करने वाला), कषाय (संकोचक), अतिसारहर (दस्त रोकने वाला), कुष्ठघ्न (त्वचा रोग नाशक), शोथहर (सूजन कम करने वाला), व्रणरक्षक (घाव भरने वाला)
Doshakarma- कफ-वात शामक

Medicinal uses

रक्तविकारों में उपयोगी
अतिसार (दस्त) और आमवात में लाभकारी
त्वचा रोग, कुष्ठ, फोड़े-फुंसी में उपयोगी
पित्त विकारों को शांत करता है
दंत मंजन के रूप में दाँतों की मजबूती हेतु
ज्वर और सूजन में उपयोगी
व्रण, फोड़े और घावों में बाह्य लेप के रूप में

Useful Part

छाल, फल, बीज, पत्तियाँ

Doses

छाल चूर्ण: 3–6 ग्राम
क्वाथ: 20–40 मिलीलीटर
फल चूर्ण: 2–4 ग्राम

Important Formulation

हिज्जल छाल क्वाथ – अतिसार, रक्तविकार में
हिज्जल फल लेप – त्वचा रोग एवं व्रण में
हिज्जल तेल – शोथ एवं दर्द निवारण में

Shloka

"हिज्जलः कटुकः तिक्तः कषायो वातकफापहः।

Hindi Name​

हिज्जल, हिज्जोल, सामुद्रफला, सामुद्र

English Name

Freshwater Mangrove, Indian Oak, Samudraphal Tree

Botanical Name

Barringtonia acutangula (Linn.) Gaertn.

Family

Barringtoniaceae

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