HERBAL GARDEN

छत्रक (Chhatrak)

Classification

Synoyms

कुम्भिका
श्वेतकुम्भिका

Habit

यह एक खाद्य कवक है जो घास के मैदानों और खुले क्षेत्रों में उगता है। इसका आकार गोलाकार होता है और यह सफेद रंग का होता है।

Habitat

चट्रक प्रायः घास के मैदानों, खेतों और खुले क्षेत्रों में उगता है। यह वर्षा के बाद उगने लगता है और विशेष रूप से शरद ऋतु में पाया जाता है।

Morphology

  • टोपी (Cap): सफेद, गोलाकार, 3–12 सेंटीमीटर व्यास वाली।
  • गिल्स (Gills): शुरुआत में गुलाबी, बाद में लाल-भूरे और अंत में गहरे भूरे रंग के होते हैं।
  • डंठल (Stipe): सफेद, 3–10 सेंटीमीटर लंबा, एक पतला रिंग के साथ।
  • मांस (Flesh): सफेद, हल्का मीठा स्वाद वाला।

Chemical Composition

प्रोटीन: 20.66% – 28.09%
कार्बोहाइड्रेट्स: 54.42% – 57.55%
विटामिन्स: विटामिन B1, B2, B3, B5, B9, C, D
खनिज: पोटैशियम, फास्फोरस, सेलेनियम, तांबा
फेनोलिक यौगिक: गैलिक एसिड, प्रोटोकैच्युक एसिड, कैफिक एसिड
एंजाइम्स: एमाइलेज, माल्टेज, प्रोटीज, टायरोसिनेज, फॉस्फोमोनोएस्टरेस

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- गुरु , रूक्ष
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- पित्तनाशक, वातनाशक, बल्य, वीर्यवर्धक
Doshakarma- पित्त और वात को शांत करने वाला

Medicinal uses

पाचन विकार: पाचन क्रिया को सुधारता है।
थकान और कमजोरी: शरीर की ताकत बढ़ाता है।
वीर्य की कमी: वीर्यवर्धक के रूप में उपयोगी।
पित्त विकार: पित्तजन्य रोगों में लाभकारी।
वात विकार: वातजन्य रोगों में उपयोगी।
त्वचा रोग: त्वचा के रोगों में लाभकारी।

Useful Part

पौधे के सभी भागों का उपयोग किया जाता है, विशेष रूप से टोपी और डंठल।

Doses

पाउडर: 2–4 ग्राम, शहद या घी के साथ।
काढ़ा: 50–100 मि.ली.
लेप: स्थानीय उपयोग के लिए।

Important Formulation

चट्रक वटी: पाचन और बल्य के लिए।
चट्रक तेल: त्वचा रोगों के उपचार में।
चट्रक काढ़ा: पित्त और वात विकारों के लिए।

Shloka

" छत्रकं पित्तवातनाशकं बल्यं वीर्यवर्धनं।"

Hindi Name​

छत्रक, मेढ़ा मशरूम, फील्ड मशरूम

English Name

Field Mushroom, Meadow Mushroom

Botanical Name

Agaricus campestris Linn

Family

Agaricaceae

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