भारत के उष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में जंगलों, झाड़ियों और खुले क्षेत्रों में पाई जाती है। विशेषतः पश्चिमी घाट, मध्य भारत और बंगाल क्षेत्र में पाई जाती है।
Morphology
यह एक मजबूत, बालदार, चढ़ने वाली लता होती है।
पत्तियाँ हृदयाकार, बड़ी व रोएँदार होती हैं।
फूल बैंगनी रंग के, घंटाकार व सुंदर होते हैं।
फल गोल व छोटे होते हैं, जिनमें बीज होते हैं।
मूल मोटी व जड़युक्त होती है, जो औषधीय रूप से अत्यंत उपयोगी है।
वाजीकरण और पुरुष बांझपन में
मानसिक दुर्बलता और स्मृति दोष में
वातरोग, आमवात, स्नायविक कमजोरी
बुढ़ापे से संबंधित दुर्बलता
नपुंसकता, शीघ्रपतन, शुक्रदोष
शरीर की पोषण शक्ति बढ़ाने हेतु
बालकों के लिए बृंहण एवं बल्य औषध
Useful Part
मूल (जड़)
बीज (वाजीकरण हेतु)
पत्तियाँ और पुष्प (लेप रूप में)