झाड़ीदार, बेल जैसी संरचना, 0.5–2 मीटर ऊँचाई तक बढ़ने वाली
Habitat
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र; भारत, अमेरिका और कैरिबियन में उगाई जाती है
Morphology
पत्तियाँ: लम्बी, हरी, कभी-कभी लाल किनारे वाली
फूल: छोटे, हरे या लाल, तने के शीर्ष पर उगते हैं
तना: गाढ़ा, शाखायुक्त, कभी-कभी लाल रंग का
जड़: गहरी, मांसल, औषधीय रस से भरपूर
Chemical Composition
टेरपेनोइड्स, फ्लेवोनॉइड्स, लैक्टोन यौगिक
एंटीइंफ्लेमेटरी और कैटार्रल यौगिक
कार्बोहाइड्रेट्स और मिनरल्स
Guna-Karma
Rasa- कटु
Guna- लघु, रुक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- ज्वर निवारक, त्वचा रोग निवारक, सूजन और दर्द में सहायक
Doshakarma- वात और कफ ह्रासक; पित्त पर हल्का संतुलन
Medicinal uses
त्वचा रोग (खुजली, फोड़े, दाद) में उपयोगी
ज्वर और सूजन निवारक
पाचन शक्ति बढ़ाने में सहायक
पारंपरिक रूप से दर्द और संक्रमण में उपयोगी
Useful Part
पत्तियाँ, तना, जड़ और रस
Doses
पत्तियाँ: 3–5 g काढ़ा या चूर्ण रूप में
रस: 2–5 ml, आयुर्वेदिक परामर्श अनुसार
जड़: 5–10 g काढ़ा
Important Formulation
पत्तियों और रस का काढ़ा (त्वचा रोग और ज्वर में)
जड़ का अर्क (पाचन और सूजन निवारक)
आयुर्वेदिक मलहम में प्रयोग