HERBAL GARDEN

केवुक

Classification

Synoyms

पुष्पकेऊक
केवुक
केऊककंद
शंखपुष्पी (कहीं-कहीं लोक नाम)

Habit

बहुवर्षीय शाकीय पौधा, भूमिगत कंदयुक्त

Habitat

भारत के उष्ण एवं आर्द्र क्षेत्रों, विशेषकर पश्चिमी घाट, असम, बंगाल, बिहार, ओडिशा तथा आंध्रप्रदेश के जंगलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। श्रीलंका, मलेशिया एवं थाईलैंड में भी पाया जाता है।

Morphology

  • तना (Stem): सीधा, मोटा, मांसल, 1–2 मीटर ऊँचा।
  • पत्ते (Leaves): भालाकार, बड़े, हरे, सर्पिल रूप से तने पर व्यवस्थित।
  • फूल (Flowers): बड़े, श्वेत पंखुड़ियों वाले, लाल रंग के ब्रैक्ट से घिरे, सुंदर एवं शंखनुमा।
  • कंद (Rhizome): मोटे, रेशेदार, औषधीय उपयोग में आते हैं।

Chemical Composition

स्टेरॉयडल सैपोनिन (Diosgenin – स्टेरॉयड संश्लेषण हेतु)
अल्कलॉइड्स
फ्लेवोनॉयड्स
टैनिन
आवश्यक तेल
शर्करा एवं स्टार्च

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कटु, कषाय
Guna- गुरु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- दीपनीय, पाचन, ज्वरघ्न, शोथहर, कृमिघ्न, स्तंभक, मूत्रल, स्तन्यशोधन
Doshakarma- कफ-वात शामक, पित्त वर्धक

Medicinal uses

ज्वर व शोथ: ज्वरहर व शोथहर के रूप में
प्रमेह व मधुमेह: मूत्रल व पाचक गुणों से
अर्श व कृमि रोग: छाल एवं कंद उपयोगी
पाचन विकार: अजीर्ण, अग्निमांद्य, पेट दर्द
स्त्री रोग: गर्भाशय सम्बंधी रोगों, श्वेतप्रदर में
आधुनिक उपयोग: डायोजेनिन से कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, गर्भनिरोधक हार्मोन तैयार किए जाते हैं

Useful Part

कंद (Rhizome), पत्ते, बीज

Doses

चूर्ण : 3–6 ग्राम
क्वाथ : 40–80 मिलीलीटर
स्वरस : 10–20 मिलीलीटर

Important Formulation

केऊककंद चूर्ण
केऊककंद क्वाथ
स्थानीय लेप शोथ व व्रण में

Shloka

केऊकः कटुकोऽतीव तिक्तः कषाय एव च।
दीपनः पाचनश्चैव कृमिघ्नो बलवर्धनः॥
"केतकीतिक्तकातीक्ष्णालघ्वीस्निग्धापुष्करमूलिका।
दीपनीकफवातघ्नीमूत्रकृच्छहरापरा॥"
(Reference – Bhavaprakasha Nighantu)

Hindi Name​

केवुक, केऊक, केयूक

English Name

Crepe Ginger, Spiral Ginger

Botanical Name

Costus speciosus (Koenig) Sm.

Family

Costaceae

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