वक्रफल महाशङ्खिनी कर्कटी विषलु विषकर्कटी
बहुवर्षीय, लता रूपी, रेंगने वाला पौधा
शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्र; राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य एशिया, अफ्रीका के रेगिस्तानी भागों में सामान्यत: पाया जाता है।
क्यूकुर्बिटासिन्स (Cucurbitacins) – अत्यधिक कड़वे, विषैले ग्लाइकोसाइड्स (Colocynthin, Colocynthitin) फ्लेवोनॉइड्स रेजिन अल्कलॉइड्स फिक्स्ड ऑयल्स (बीजों में)
Rasa- तिक्त, कटु Guna- लघु, तीक्ष्ण, सूक्ष्म Virya- उष्ण Vipaka- कटु Karma- रेचक, कृमिनाशक, शोथहर, वातकफनाशक Doshakarma- कफ-वातशामक, पित्तवर्धक
पुरानी कब्ज में तीव्र विरेचक के रूप में कृमि रोग में प्लीहा व यकृत विकार में शोथ (Edema) में त्वचारोग में (बाह्य उपयोग)
फल का गूदा, बीज (सीमित)
फल गूदा – 50–125 मि.ग्रा. (अत्यल्प मात्रा) बीज – 1–3 ग्राम (केवल चिकित्सकीय देखरेख में)
इंद्रवारुणी चूर्ण विषलु वटी रेचक औषध योग
भावप्रकाशनिघण्टु – तिक्तस्कंध इन्द्रवारुणीतिक्तोष्णालघुरुक्ताकफानिला। विरेचनीकृमिघ्नीचपित्तलाचविशेषतः॥ इंद्रवारुणिका तिक्ता कटुका लघु तीक्ष्णका। रेचनी कृमिनाशिन्याः प्लीहशोथविनाशिनी॥
इंद्रवारुणी, टुम्मा, मक्की इंडोर, करकुंद
Colocynth, Bitter Apple, Desert Gourd
Citrullus colocynthis (L.) Schrad.
Cucurbitaceae