HERBAL GARDEN

खिरनी

Classification

Synoyms

खिरणिका
कष्टफल
मधुमेहफल

Habit

मध्यम से बड़े आकार का सदाबहार वृक्ष

Habitat

भारत के जंगलों और शुष्क व उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। आमतौर पर राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में उपजता है।

Morphology

  • ऊँचाई: 10–20 मीटर
  • तना: मजबूत, खुरदरा, काला-भूरा
  • पत्ते: चमकदार हरे, ओवल से लंबवत
  • फूल: छोटे, पीले-सफेद, गुच्छों में
  • फल: अंडाकार, पीले-भूरे, मीठा रसयुक्त
  • बीज: कठोर, अंडाकार, काले

Chemical Composition

टैनिन्स
सैपोनिन्स
फ्लेवोनॉइड्स
स्टार्च, शर्करा (फल में)
एल्कलॉइड्स और पॉलीफेनॉल्स

Guna-Karma

Rasa- मधुर, कषाय
Guna- गुरु, स्थिर, स्निग्ध
Virya- शीतल
Vipaka- मधुर
Karma- रक्तशोधन, बल्य, मधुमेह नाशक, दाहशामक, पाचनशक्ति वर्धक, व्रणरोपण
Doshakarma- वात-पित्त नाशक
कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)

Medicinal uses

फल – बल्य, पौष्टिक, पाचनशक्ति वर्धक
छाल – मधुमेह नियंत्रण, रक्तपित्त और त्वचा रोग
बीज – कृमि नाशक, अतिसार में उपयोगी
लकड़ी – आयुर्वेद में हड्डियों के रोग और काष्ठ चिकित्सा में प्रयोग
मधुमेह रोगियों के आहार में उपयोगी

Useful Part

फल
बीज
छाल
लकड़ी

Doses

बीज चूर्ण – 1–2 ग्राम
छाल काढ़ा – 20–30 ml
फल – आवश्यकता अनुसार (आहार रूप में)

Important Formulation

खिरनी छाल का काढ़ा (मधुमेह और रक्तपित्त में)
बीज चूर्ण (कृमिनाशक व अतिसार में)

Shloka

खिरणीफलानि मधुराणि बल्यं पाचनवर्धनम्।
मधुमेहानाशकानि वातपित्तशामकानि च।।

Hindi Name​

खिरनी, कठोरफल, कठोर लकड़ी

English Name

Ceylon Ironwood, Khirni

Botanical Name

Manilkara hexandra (Roxb.) Dubard

Family

Sapotaceae

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