जलेनिका, केसारिया (आयुर्वेदिक ग्रंथों में गुणानुसार)
Habit
मध्यम आकार का वृक्ष, 5–10 मीटर ऊँचा, शाखाओं में घनी झाड़ी जैसी संरचना
Habitat
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय वन क्षेत्र; उपजाऊ मिट्टी में स्वाभाविक रूप से उगता है
Morphology
पत्तियाँ: अंडाकार, हरी, पूरे किनारे वाले
फूल: छोटे, पीले या हरे रंग के, शाखाओं और तने पर उगते हैं
फल: छोटा, गोल, हरे से पीले रंग का
तना: हल्का भूरे रंग का, मजबूत
Chemical Composition
अल्कलॉइड्स, सैपोनिन्स, फ्लेवोनॉइड्स
टैनिन्स और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक
Guna-Karma
Rasa- कटु, कड़वा
Guna- लघु, रुक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- ज्वर, घाव और त्वचा रोग निवारक; पाचन और रक्त शोधन में सहायक
Doshakarma- वात और पित्त ह्रासक; कफ पर संतुलित प्रभाव
Medicinal uses
त्वचा रोग (खुजली, फोड़े, जख्म) में उपयोगी
ज्वर और संक्रमण में सहायक
पाचन शक्ति बढ़ाने में लाभकारी
रक्तशोधन और शारीरिक ऊर्जा में सहायक
Useful Part
Doses
पत्तियाँ: 5–10 g काढ़ा या चूर्ण रूप में
छाल: 2–5 g काढ़ा या रस में
फल और तना: 1–2 g आयुर्वेदिक मिश्रण में
Important Formulation
केसारिया काढ़ा (ज्वर और त्वचा रोग के लिए)
पत्तियों का रस और चूर्ण
आयुर्वेदिक तेल और मलहम में उपयोग