HERBAL GARDEN

काजूतक (Kajutak)

Classification

Synoyms

काजूतक, कजूतक, काजूबीज, कर्णफल

Habit

मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष

Habitat

यह उष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपता है; मुख्यतः भारत के पश्चिमी घाट, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा महाराष्ट्र में पाया जाता है।

Morphology

  • Root – गहरी जड़ प्रणाली
  • Stem – शाखायुक्त, खुरदुरी छाल युक्त
  • Leaves – अंडाकार, गहरे हरे, मोटे और चमकीले
  • Flowers – छोटे, हल्के गुलाबी या सफेद रंग के, सुगंधित
  • Fruit – नकली फल “काजू एपल” रसदार होता है; असली फल बीज के रूप में इसके नीचे लटका रहता है जिसे काजू कहते हैं।
  • Seed – काजू नट, जिसके चारों ओर कठोर आवरण और भीतर खाने योग्य गिरी होती है।

Chemical Composition

वसा (Fatty acids – ओलिक, लिनोलिक अम्ल)
प्रोटीन
स्टार्च
खनिज तत्व (लौह, मैग्नीशियम, जिंक, कॉपर, फॉस्फोरस)
विटामिन (A, D, E, K)
टैनिन
एनाकार्डिक एसिड
कार्डोल व कार्डनोल (तेल में उपस्थित औषधीय घटक)

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त
Guna- गुरु, स्निग्ध, बल्य, पौष्टिक
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- बल्य (शक्ति वर्धक), पौष्टिक, वृष्य (वीर्यवर्धक), त्वक्‌प्रसादन (त्वचा को कोमल व उज्ज्वल करने वाला), रक्तवर्धक, कृमिघ्न (परजीवी नाशक)
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

पौष्टिक एवं बलवर्धक आहार के रूप में
दुर्बलता, कुपोषण और रक्ताल्पता में उपयोगी
त्वचा रोगों में इसके तेल का उपयोग
पाचन शक्ति बढ़ाने हेतु
जोड़ों के दर्द, सूजन और वायुविकार में उपयोगी
यकृत को सुदृढ़ करने में सहायक
पुरुषों में वीर्यवृद्धि हेतु
त्वचा में चमक व कोमलता लाने हेतु काजू तेल का प्रयोग

Useful Part

बीज (काजू नट), फल, छाल, तेल

Doses

बीज (गिरी): 5–10 ग्राम
छाल का क्वाथ: 30–50 मिली
तेल: बाह्य प्रयोग

Important Formulation

काजूतक तेल
बल्य अवलेह
रसायन कल्प

Shloka

काजूतकं गुरुं स्निग्धं बल्यं वृष्यं रसायनम्।
वातकफहरं प्रोक्तं पित्तवर्धनमेव च॥

Hindi Name​

काजू

English Name

Cashew Nut Tree

Botanical Name

Anacardium occidentale Linn.

Family

Anacardiaceae

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