HERBAL GARDEN

अपराजिता

Classification

Synoyms

अपराजिता
शंखपुष्पी (कुछ ग्रंथों में)
गिरीकर्णिका
कुष्ठहा
विषनाशिनी

Habit

बहुवर्षीय लता (Perennial twining herb)

Habitat

उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, भारत के लगभग सभी भागों में, बाड़, खेतों के किनारों एवं बगीचों में स्वाभाविक रूप से उगती है।

Morphology

  • ततना – पतला, हरा, लचीला, बेलनुमा, चढ़ने वाला
  • पत्ते – संयुक्त, 5–7 पत्रक, अंडाकार, चिकने
  • फूल – नीले, बैंगनी अथवा सफेद, शंख के आकार के, एकल या युग्म में
  • फल – लंबी चपटी फली (Legume), जिसमें 6–10 बीज होते हैं
  • बीज – भूरे या काले, चिकने

Chemical Composition

टर्नाटिन (Anthocyanin pigment), क्लिटोरिन, फ्लेवोनॉइड्स, टर्नेटिन, सैपोनिन, ट्राइटरपेनोइड्स, अल्कलॉइड्स, स्टेरॉल्स, प्रोटीन, टैनिन, कार्बोहाइड्रेट, फैटी ऑयल

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय, मधुर
Guna- लघु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- मेध्य, स्मृतिवर्धक, कुष्ठघ्न, कृमिघ्न, श्वासहर, शोथहर, व्रणरोपण, विषनाशक
Doshakarma- त्रिदोषहर (विशेषतः पित्त-कफ शामक)

Medicinal uses

स्मृतिभ्रंश, मानसिक दुर्बलता एवं अनिद्रा में
कुष्ठ एवं त्वचा रोगों में
कृमिनाशक के रूप में
शोथ एवं सूजन कम करने में
व्रण एवं अल्सर में
विषनाश में
श्वसन संबंधी रोगों में (कफ निकालने हेतु)

Useful Part

मूल, पत्ते, फूल, बीज

Doses

मूल चूर्ण – 3–6 ग्राम
काढ़ा – 30–50 मि.ली.
फूल/पत्तों का स्वरस – 10–20 मि.ली.

Important Formulation

यअपराजिता मूल चूर्ण
अपराजिता काढ़ा
मेध्य रसायन योगों में
कुष्ठ एवं कृमि नाशक योग

Shloka

अपराजिता कुष्ठकृमिविषज्वरशोथनुत्।
मेध्या स्मृतिप्रदा चैव सर्वरोगनिवारिणी॥

Hindi Name​

अपराजिता, कुई, कोयलाफूल

English Name

Butterfly pea, Blue pea vine

Botanical Name

Clitoria ternatea Linn.

Family

Fabaceae (Leguminosae)

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