HERBAL GARDEN

कुष्मांड (kushmand)

Classification

Synoyms

कुशमाण्ड, पुष्पिणी, पुष्पफल, भूरकुम्भ, स्थूलफल, कुम्भफल

Habit

वेल (Climbing or trailing herbaceous plant)

Habitat

यह भारत के सभी भागों में विशेषकर गर्म और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में खेती के रूप में पाया जाता है। खेतों, बगीचों और नदियों के किनारों पर यह सहज रूप से उगता है।

Morphology

  • तना (Stem): लंबा, रेंगने वाला, कोमल, बालों से ढका हुआ।
  • पत्तियाँ (Leaves): बड़ी, गोल, गहरे हरे रंग की, पांच खंडों वाली।
  • फूल (Flowers): पीले रंग के, एकल या जोड़े में लगते हैं।
  • फल (Fruit): बड़ा, अंडाकार या गोलाकार, बाहर से हरा और अंदर से सफेद, गूदेदार।
  • बीज (Seeds): सफेद, अंडाकार, चिकने और कठोर।

Chemical Composition

बीटा-सिटोस्टेरॉल
ऐल्युमिनियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, लौह
विटामिन C और E
प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट
फ्लेवोनॉइड्स, सैपोनिन्स, फेनॉलिक यौगिक

Guna-Karma

Rasa- मधुर
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीतल
Vipaka- मधुर
Karma- बल्य (शारीरिक बल देने वाला), मेध्य (मस्तिष्क बलवर्धक), हृद्य (हृदय के लिए हितकर), दाहशामक (जलन कम करने वाला), रक्तपित्तहर (रक्त की अशुद्धि दूर करने वाला), मूत्रल (मूत्रवर्धक), श्वासकासहर (श्वसन विकारों में उपयोगी)
Doshakarma- पित्त-शामक, वात-कफ को बढ़ाने वाला (अधिक मात्रा में सेवन से)

Medicinal uses

रक्तपित्त और अम्लपित्त में फल का रस उपयोगी।
मानसिक रोग, अनिद्रा और चिंता में शीतल प्रभाव देता है।
पेशाब की जलन और मूत्ररोगों में लाभकारी।
रक्तविकार और आंतरिक शोथ में उपयोगी।
हृदय रोग, दुर्बलता और ज्वर के पश्चात रिकवरी में फल रस बल्य औषधि।
त्वचा रोगों में बाह्य रूप से पल्प का लेप।

Useful Part

फल, बीज, गूदा, रस

Doses

फल रस: 10–20 मिलीलीटर
बीज चूर्ण: 3–6 ग्राम
फल पल्प: आवश्यकता अनुसार

Important Formulation

कुशमांड रस
कुशमांड घृत
कुशमांडादि लेह्य
कुशमांडक अवलेह

Shloka

" कुष्मांण्डो गुरु: स्निग्धः शीतलो मधुरो रसायनः।
पित्तदाहप्रशमनः कासश्वासहरो मतः॥"

Hindi Name​

कुशमांड, पेठा, भूरकुम्भ

English Name

Ash Gourd, Winter Melon, White Pumpkin

Botanical Name

Benincasa hispida (Thunb.) Cogn.

Family

Cucurbitaceae

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