दक्षिण भारत, उष्णकटिबंधीय एशिया, दक्षिण अमेरिका, और अफ्रीकी क्षेत्रों में उगाया जाता है। भारत में उष्ण जलवायु में बागानों और घरों के आसपास लगाया जाता है।
Morphology
तना – भूरे रंग की छाल
पत्तियाँ – हृदयाकार, सरल, लंबे डंठल वाली
फूल – गुलाबी से बैंगनी रंग के, आकर्षक
फल – कांटेदार कैप्सूल, पकने पर लाल-भूरे रंग के
बीज – चमकीले नारंगी-लाल, बीजों पर गाढ़ा रंगद्रव्य होता है
त्वचा रोग (कुष्ठ, खाज, एक्जिमा)
रक्तविकार
ज्वर व शोथ
मूत्रकृच्छ्र
हृदय रोगों में टॉनिक रूप में
व्रणों पर लेप (बीज पेस्ट)
एंटीऑक्सीडेंट व एंटीमाइक्रोबियल गुण
Useful Part
बीज
पत्तियाँ
छाल (कम प्रयोग में)
Doses
बीज चूर्ण: 1–2 ग्राम
पत्तियों का क्वाथ: 30–50 ml
Important Formulation
त्वग्विकारहर लेप
रक्तशोधक चूर्ण
कस्टम हर्बल तेलों में रंग व औषधीय गुण हेतु मिश्रण
Shloka
सिंदूरिका तिक्तकषाया शीतला लघुरुक्षणा |
रक्तपित्तविनाशिनी त्वग्विकारेषु विशेषतः ||