शुक्रवृद्धि एवं यौन शक्ति वृद्धि में उपयोगी।
वात रोगों (जोड़ों के दर्द, स्नायु दुर्बलता) में लाभकारी।
शोथ, सूजन और त्वचा विकारों में उपयोगी।
मूत्रविकार (dysuria) में लाभकारी।
पाचन शक्ति सुधारने में सहायक।
ज्वर, कफ और आमवात में उपयोगी।
Useful Part
मूल (Root), पंचांग (Whole plant)
Doses
चूर्ण – 2 से 5 ग्राम
क्वाथ – 40 से 80 मिलीलीटर
अर्क – 5 से 10 मिलीलीटर
Important Formulation
ब्राह्मदण्डी चूर्ण
ब्राह्मदण्डी रस
ब्राह्मदण्डी अर्क
वातबलादि योग