HERBAL GARDEN

ईश्वरी

Classification

Synoyms

गरुड़
गरुड़कर्णी
विषहरी
नागदमनी
सर्पघ्नी

Habit

बहुवर्षीय, सदाबहार, लता रूपी पौधा

Habitat

उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में; भारत के तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र एवं आंध्रप्रदेश के जंगलों में पाया जाता है।

Morphology

  • तना – पतला, लंबा, लता रूपी, चढ़ने वाला
  • पत्तियाँ – गहरी हरी, हृदयाकार, चिकनी
  • फूल – ट्यूब आकार के, हरे-पीले रंग के, अंदर बैंगनी धब्बों के साथ
  • फल – कैप्सूल आकार का, लंबोतरा
  • बीज – चपटे, भूरे रंग के

Chemical Composition

एरिस्टोलोचिक अम्ल (Aristolochic acid)
अल्कलॉइड्स
सैपोनिन्स
टैनिन
फ्लेवोनॉइड्स
रेजिन

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कटु
Guna- लघु, तीक्ष्ण
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- विषनाशक, कृमिनाशक, शोथहर, ज्वरघ्न, व्रणरोपण, स्त्रीरोगनाशक
Doshakarma- कफ-वातशामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

सर्पदंश एवं विषाक्त कीटदंश में
कृमि रोग में
ज्वर निवारण में
प्रसवोत्तर शोधन हेतु
व्रण एवं त्वचा रोगों में
शोथ एवं सूजन कम करने में

Useful Part

जड़, पत्तियाँ

Doses

जड़ चूर्ण: 1–3 ग्राम
पत्तियों का रस: 10–20 मि.ली. (केवल चिकित्सकीय देखरेख में)

Important Formulation

ईश्वरी मूल चूर्ण
विषहरी लेप
सर्पदंश नाशक योग

Shloka

ईश्वरी तिक्तका तीक्ष्णा विषघ्नी कृमिनाशिनी।
ज्वरशोथहराभूत्वा स्त्रीरोगेषु प्रयोज्यते॥
ईश्वरी कटु तिक्ता च लघुष्णा दीपनाऽनिलजित्।
विषकृमिविनाशिन्याः सदा कार्याऽसृगदाभिधा॥
भावप्रकाश निघण्टु – कटुकादि वर्गः

Hindi Name​

ईश्वरी, इस्वरी, गरुड़ी, इश्वरीलता

English Name

Indian Birthwort

Botanical Name

Aristolochia indica Linn.

Family

Aristolochiaceae

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