HERBAL GARDEN
DEEN DAYAL KAMDHENU GOUSHALA SAMITI, FARAH, MATHURA
गंधप्रसारिणी
Classification
Synoyms
गंधवेला
गंधनी
प्रसरिणी
गंधमूलिनी
गंधकुटिनी
Habit
बहुवर्षीय, लता (Perennial climber)
Habitat
भारत के उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में, विशेषकर बंगाल, असम, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी घाट में अधिक पाई जाती है। झाड़ियों, बाड़ों और जंगलों में स्वाभाविक रूप से उगती है।
Morphology
- तना – पतला, लंबा, लता रूपी, मुलायम, हरे या बैंगनी रंग का, हल्की रोयेदार सतह
-
पत्ते – सरल, अंडाकार या दीर्घवृत्ताकार, तीव्र गंधयुक्त
-
फूल – छोटे, गुलाबी या बैंगनी किनारों वाले, गुच्छेदार
-
फल – गोल, कठोर, पकने पर भूरे रंग के
- बीज – छोटे, कठोर
Chemical Composition
Iridoid glycosides (Paederoside, Scandoside)
Volatile oils
Alkaloids
Flavonoids
Tannins
Sterols
Saponins
Guna-Karma
Rasa- कटु, तिक्त, कषाय
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- वातहर, बल्य, शूलप्रशमन, स्नायु-पोषक, शोथहर, दीपनीय, वेदनाशामक
Doshakarma- वात-कफ शामक
Medicinal uses
संधिशूल, कटिशूल, गृध्रसी (साइटिका) में लाभकारी
वातव्याधि एवं स्नायु दुर्बलता में उपयोगी
शोथ एवं सूजन में लेप के रूप में
भूख बढ़ाने में सहायक
आंत्रवात एवं पेट दर्द में लाभकारी
वातज ज्वर और कंपवात में सहायक
Useful Part
पत्ते एवं तना
Doses
स्वरस – 10–20 मि.ली.
चूर्ण – 3–5 ग्राम
क्वाथ – 40–50 मि.ली.
Important Formulation
गंधप्रसारिणी तैल
प्रसारिण्यादि तैल
गंधप्रसारिणी लेप
Shloka
गन्धप्रसारिणी तिक्तोष्णा कटुका गुरुः।
वातव्याधिहरा बल्या शूलशोथहरापरा॥
"गन्धप्रसारिणीतिक्तोष्णावातकफापहा।
गुल्मार्शःशूलवातघ्नीदीपन्यग्रिण्यनुत्तमा॥"
— भवप्रकाशनिघण्टु
Hindi Name
गंधप्रसारिणी, गंधवेल
English Name
Skunk vine, Stink vine
Botanical Name
Paederia foetida Linn.
Family
Rubiaceae
