भारत के उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में, विशेषकर बंगाल, असम, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी घाट में अधिक पाई जाती है। झाड़ियों, बाड़ों और जंगलों में स्वाभाविक रूप से उगती है।
Morphology
तना – पतला, लंबा, लता रूपी, मुलायम, हरे या बैंगनी रंग का, हल्की रोयेदार सतह
पत्ते – सरल, अंडाकार या दीर्घवृत्ताकार, तीव्र गंधयुक्त
फूल – छोटे, गुलाबी या बैंगनी किनारों वाले, गुच्छेदार
संधिशूल, कटिशूल, गृध्रसी (साइटिका) में लाभकारी
वातव्याधि एवं स्नायु दुर्बलता में उपयोगी
शोथ एवं सूजन में लेप के रूप में
भूख बढ़ाने में सहायक
आंत्रवात एवं पेट दर्द में लाभकारी
वातज ज्वर और कंपवात में सहायक