संधिशूल एवं वातरोग में बाह्य प्रयोग
अस्थमा में धूम्रपान के रूप में
दन्तशूल में पत्तों का प्रयोग
त्वचा के फोड़े-फुंसी एवं सूजन में पत्तों का लेप
मिर्गी एवं उन्माद में नियंत्रित खुराक में प्रयोग
Useful Part
पत्ते, बीज, फूल
Doses
बीज चूर्ण – 30–60 मि.ग्रा. (सावधानीपूर्वक)
पत्तों का रस – 1–2 मि.ली. (बाह्य प्रयोग हेतु)