शुष्क और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में उगाया जाता है। भारत में मुख्यतः गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इसकी खेती होती है।
Morphology
तना – छोटा, शाखायुक्त, कोमल, हरा
पत्ते – रेखाकार, संकीर्ण, आधार पर रोयेदार
फूल – छोटे, सफेद, बालियों (spikes) में
फल – अंडाकार, द्विखंडी
बीज – अंडाकार, पारदर्शी-भूरे, सतह पर
हल्की लकीरें, पानी में फूलकर म्यूसिलेज बनाते हैं
Chemical Composition
बीज की भूसी में 20–30% म्यूसिलेज, अराबिनोज, ज़ायलोज, गैलैक्ट्यूरोनिक एसिड, रैमनोज, तेल (5–7%), प्रोटीन (18–20%), ग्लाइकोसाइड्स, और थोड़ी मात्रा में टैनिन पाए जाते हैं।
Guna-Karma
Rasa- मधुर
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- बृहण, वृष्य, ग्राही, मलमृदुकारी, पित्तशामक, रक्तपित्तहर, शोथहर
Doshakarma- पित्त-कफ शामक
Medicinal uses
कब्ज निवारण में
बवासीर में
अतिसार एवं प्रवाहिका में
मूत्रकृच्छ्र में
आंत्र शोथ में
पित्तज विकारों में
वजन घटाने में सहायक (भूख नियंत्रक)
Useful Part
बीज एवं भूसी (husk)
Doses
भूसी – 3–10 ग्राम (गुनगुने दूध या पानी के साथ)
बीज – 5–10 ग्राम
Important Formulation
इसबगोल भूसी
इसबगोल युक्त पाचन चूर्ण
आंत्र रोग निवारक योग