HERBAL GARDEN
लकुच (Lakuch)
Classification
Synoyms
लकुच, लकुचक, लकुचा, दधिफल, कटुफल
Habit
मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष (deciduous tree), जिसकी ऊँचाई लगभग 10–15 मीटर होती है।
Habitat
यह वृक्ष भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया के उष्णकटिबंधीय वनों में पाया जाता है। भारत में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी घाट में देखा जाता है।
Morphology
- लकुच का वृक्ष सीधा और घना होता है।
- इसकी छाल भूरे रंग की होती है।
- पत्तियाँ बड़ी, चौड़ी, अंडाकार और खुरदरी होती हैं।
- फूल छोटे, एकललिंगी (monoecious) होते हैं — नर और मादा पुष्प अलग-अलग पुष्पक्रम में पाए जाते हैं।
- फल गोलाकार, पीले या नारंगी रंग के होते हैं और अंदर रसदार गूदा होता है।
- बीज छोटे और चिकने होते हैं।
Chemical Composition
छाल में: टैनिन्स, फ्लेवोनॉइड्स, सैपोनिन्स
फलों में: कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन C, फेनोलिक यौगिक, टैनिन्स
बीजों में: तेल, प्रोटीन, स्टार्च
अन्य घटक: आर्टोकार्पिन (Artocarpin), मोरिन, नोरटोक्सार्टोनिन (Norartocarpetin), फाइटोस्टेरॉल्स
Guna-Karma
Rasa- कषाय, आम्ल, तिक्त
Guna- लघु, रुक्ष
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- दीपन, पाचन, कृमिघ्न, रक्तशोधक, अतिसारहर, ग्रहणी रोग नाशक, मुखशोधक
Doshakarma- कफ-पित्त शामक
Medicinal uses
फल अतिसार (डायरीया) और अम्लपित्त में उपयोगी।
छाल का काढ़ा मुखदुर्गंध, दंतमूल रोग और रक्तस्राव में लाभकारी।
फलों का गूदा कृमिनाशक और पाचन सुधारक।
पत्तों का रस त्वचारोगों में प्रयोगी।
छाल और फल के चूर्ण का प्रयोग यकृत रोगों में किया जाता है।
बीजों का पेस्ट त्वचा रोगों और विषनाश के लिए बाह्य प्रयोग।
Useful Part
फल, छाल, पत्तियाँ, बीज
Doses
छाल का चूर्ण: 3–5 ग्राम
काढ़ा: 20–40 मिलीलीटर
फल: 10–20 ग्राम (ताजा या सूखा)
Important Formulation
लकुच फल चूर्ण
लकुच छाल काढ़ा
कृमिनाशक योग
पित्तशामक लेप
Shloka
"लकुचो मधुरो रूक्षः शीतलो दीपनो लघुः।
कृमिघ्नो रक्तपित्तघ्नश्च पाचनः पित्तनाशनः॥"
Hindi Name
लकुच / लकुचा / लकुचड़ा
English Name
Monkey Jack Tree / Monkey Jack Fruit
Botanical Name
Artocarpus lakoocha Roxb.
Family
Moraceae (Mulberry family)
