HERBAL GARDEN
मिश्रेया (Mishreya)
Classification
Synoyms
शतपुष्पा, सत्वा, सुवा, शतापुष्पी, मिश्रिका
Habit
वार्षिक (Annual) शाकीय पौधा, सुगंधित
Habitat
भारत के उत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, और मध्य प्रदेश में व्यापक रूप से खेती की जाती है। यह समशीतोष्ण एवं उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह पनपता है।
Morphology
- Root (जड़) – पतली, शाखायुक्त, सफेद रंग की
-
Stem (तना) – सीधा, पतला, कोमल, हरे रंग का
-
Leaves (पत्तियाँ) – गहरी हरी, सूत जैसी महीन खंडों में विभाजित
-
Flowers (फूल) – छोटे, पीले रंग के, छत्र (umbel) रूप में
- Fruit/Seed (फल/बीज) – लम्बे अंडाकार, हल्के भूरे, सुगंधित व स्वाद में तीक्ष्ण
Chemical Composition
वाष्पशील तेल (Volatile oil – 2–4%)
डिल एपिओल (Dill apiole)
कार्वोन (Carvone)
लिमोनीन (Limonene)
फ्लेवोनोइड्स
टैनिन
रेजिन
प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फॉस्फोरस
Guna-Karma
Rasa- कटु, तिक्त
Guna- लघु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- दीपनीय (अग्नि को प्रज्वलित करने वाला),
पाचन (Digestive),
वातहर (Vata-nashak),
कृमिघ्न (Anthelmintic),
शूलहर (Pain reliever),
स्तन्यजनक (Lactagogue – दुग्धवर्धक),
मूत्रल (Diuretic)
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्तवर्धक
Medicinal uses
भूख न लगना, अपच और गैस में लाभदायक
वातविकार, पेट दर्द, और पेट की सूजन में उपयोगी
कृमिरोग में प्रभावी
प्रसूता स्त्रियों में दूध की वृद्धि हेतु
शिशुओं के पेट दर्द में घरेलू औषधि
मूत्र संबंधी विकारों में उपयोगी
सर्दी, जुकाम, और खांसी में राहत
त्वचा के विकारों में लाभकारी
Useful Part
बीज (Seeds), पत्तियाँ
Doses
चूर्ण: 1–3 ग्राम
क्वाथ या अर्क: 10–20 मिली
बीजों का काढ़ा: 1 चम्मच बीज 1 कप जल में उबालकर
Important Formulation
शतपुष्पादि चूर्ण
मिश्रेया अर्क
वातहर चूर्ण
बालगुटी योग
Shloka
शतपुष्पा कटुका तिक्ता लघु तीक्ष्णोष्णवीर्यका।
वातकफहरास्तन्या दीपनी या कृमिघ्नका॥
Hindi Name
मिश्रेया, सुवा, सोया
English Name
Indian Dill, Dill
Botanical Name
Anethum sowa Roxb. ex Flem. ex Merr.
Family
Apiaceae (Umbelliferae)
