HERBAL GARDEN

अनन्नास (Ananas)

Classification

Synoyms

अनासक, मदलफल, अमृतफल, वातहरफल

Habit

बहुवर्षायु शाकीय पौधा (perennial herb)

Habitat

उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में मुख्यतः असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और केरल में इसकी खेती की जाती है।

Morphology

  • Root (जड़) – रेशेदार (Fibrous)
  • Stem (तना) – छोटा, मोटा, व पत्तियों के भीतर छिपा हुआ
  • Leaves (पत्तियाँ) – लम्बी, नुकीली, हरी, कांटेदार किनारों वाली
  • Flowers (फूल) – नीले या बैंगनी रंग के, सघन पुष्पगुच्छ के रूप में
  • Fruit (फल) – अनेक पुष्पों के संयुक्त रूप से बना बड़ा रसदार फल; बाहर से कांटेदार और भीतर मीठा पीला गूदा
  • Seed (बीज) – छोटे, भूरे रंग के, सामान्यतः फल में बहुत कम या अनुपस्थित

Chemical Composition

ब्रोमेलिन (Bromelain – प्रोटियोलिटिक एंजाइम)
साइट्रिक अम्ल
मालिक अम्ल
एस्कॉर्बिक अम्ल (Vitamin C)
ग्लूकोज़, फ्रुक्टोज़, सुक्रोज़
कैरोटीन, थायमिन, राइबोफ्लेविन
कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम

Guna-Karma

Rasa- मधुर, आम्ल
Guna- लघु, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- दीपन (भोजन की रुचि बढ़ाने वाला), पाचन (Digestive), मूत्रल (Diuretic), कृमिघ्न, वात-कफहर, रक्तशोधक, तृषानाशक
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

भूख न लगने पर रस का सेवन लाभकारी
पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक
मूत्रल होने से शरीर की सूजन में उपयोगी
कृमिरोग में लाभदायक
रक्तविकारों में सहायक
सर्दी-जुकाम व गले की खराश में उपयोगी
मासिक धर्म की अनियमितता में सहायक
त्वचा की चमक बढ़ाने में सहायक (फल रस का लेप)

Useful Part

फल एवं फलरस

Doses

फलरस: 20–50 मिली प्रतिदिन
फल: आवश्यकता अनुसार सेवन योग्य मात्रा

Important Formulation

अनन्नास रस
अनन्नास चूर्ण
अनन्नासादि लेह

Shloka

अनन्नासोऽम्लमधुरो लघुः स्निग्धोऽग्निदीपनः।
वातकफहरः पित्तो वर्धयत्यमृतोपमः॥

Hindi Name​

अनन्नास

English Name

Pineapple

Botanical Name

Ananas comosus (Linn.) Merr.

Family

Bromeliaceae

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