अमृतफल अमरुद जूवा
मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष, 3–8 मीटर ऊँचा
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में आमतौर पर बाग-बगिचों, घरों के आँगन और सड़क किनारे उगाया जाता है।
विटामिन C (अत्यधिक मात्रा में) विटामिन A पेक्टिन और फाइबर फ्लेवोनॉइड्स, टैनिन्स मिनरल्स (कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन)
Rasa- मधुर, कषाय Guna- हल्का, सुखद Virya- शीतल Vipaka- मधुर Karma- रक्तवर्धक, पाचनशक्ति वर्धक, ज्वर नाशक, वातपित्त शमन, रोगप्रतिरोधक Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
फल – बल्य, रक्तवर्धक, पाचनशक्ति वर्धक, मधुमेह नियंत्रक पत्ते – दस्त, ज्वर, रक्ताल्पता, पेट दर्द में उपयोगी छाल – मधुमेह, रक्तशोधन, त्वचा रोग में लाभकारी बीज – हल्का दस्त और अपच में उपयोगी
फल पत्ते छाल बीज
पत्ते का काढ़ा – 20–30 ml फल – आवश्यकता अनुसार (आहार रूप में) छाल काढ़ा – 20–30 ml बीज चूर्ण – 1–2 ग्राम
अमरुद पत्ता काढ़ा (दस्त और ज्वर में) फल (बल्य, रक्तवर्धक और पाचनवर्धक) छाल काढ़ा (मधुमेह और त्वचा रोग में)
अमृतफलं बल्यं रक्तवर्धकं च पचने। ज्वरनाशकं रोगप्रतिरोधकं च सदा हि।।
अमृतफल, अमरुद
Guava
Psidium guajava L.
Myrtaceae