फल – बलवर्धक, रक्तवर्धक, शीतल, पाचनशक्ति वर्धक
पत्ते – मधुमेह नियंत्रक, वातशामक
बीज – अतिसार नाशक, कृमिनाशक
छाल – रक्तपित्त व व्रण रोग में उपयोगी
रस – तृष्णा और दाह में लाभकारी
Useful Part
फल
पत्ते
बीज
छाल
Doses
बीज चूर्ण – 1–2 ग्राम
पत्ते का काढ़ा – 20–30 ml
फल – आवश्यकता अनुसार (आहार रूप में)
Important Formulation
शहतूत पत्ता काढ़ा (मधुमेह व वातशामक)
फल रस (बलवर्धक और रक्तवर्धक)