Rasa- कटु, तिक्त
Guna- लघु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- शोथहर, व्रणरोपक, वेदनास्थापक, कुष्ठघ्न, दीपक
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्त को बढ़ाने वाला हो सकता है अधिक मात्रा में।
Medicinal uses
शोथ, गुल्म, व्रण, कुष्ठ
पित्तजन्य विकारों में
व्रणशोधन हेतु पत्तों का लेप
जोड़ों के दर्द में बाह्य प्रयोग
मांसपेशियों की सूजन, हेमोरॉइड्स
त्वचाविकारों में लाभकारी
Useful Part
कंद (Bulb)
पत्तियाँ
फूल
Doses
कंद रस / क्वाथ – 10–20 ml पत्र लेप (बाह्य) – आवश्यकतानुसार
चूर्ण – 1–3 gm
Important Formulation
सुदर्शनकंदादि लेप
व्रणरोपण तेल
कुष्ठहर लेप
Shloka
सुदर्शनकंदस्तिक्तोष्णो लघुः शोथव्रणापहः।
कुष्ठघ्नो बलवर्णाय दीपनीयो विशेषतः॥
(निघण्टु संदर्भ अनुसार)