HERBAL GARDEN

श्लेष्मांतक

Classification

Synoyms

श्लेष्मांतक
बहुपुष्पक
लवणफली
तुन्दिकाफल

Habit

मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष

Habitat

भारत के सभी भागों में विशेष रूप से राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश व दक्षिण भारत में शुष्क व अर्धशुष्क जलवायु में पाया जाता है।

Morphology

  • तना – सीधा, भूरे रंग की दरारदार छाल
  • पत्तियाँ – सरल, चौड़ी, अंडाकार, मुलायम
  • फूल – सफेद या हल्के गुलाबी, गुच्छों में
  • फल – गोल, चिकने, श्लेष्मयुक्त, हरितवर्ण व पकने पर पीले-भूरे
  • बीज – एक बीजयुक्त, कोमल

Chemical Composition

Mucilage, Galactose, Rhamnose, Uronic acid, Tannins, Pectin, β-sitosterol, Lupeol, Alkaloids, Vitamin C

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त
Guna- स्निग्ध, गुरु, पिच्छिल
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- कंठ्य, कफहर, वृष्य, ग्रहणीस्थ, बल्य, दीपन, मृदु रेचक
Doshakarma- कफ-वात शामक, पित्त पर थोड़ा प्रभाव

Medicinal uses

श्वास, कास, स्वरभंग में
कंठशोधन हेतु
मन्दाग्नि, ग्रहणी, आमवात में
कब्ज़, पाचन विकार
मूत्रकृच्छ्र, ज्वर
बच्चों की खांसी और बलगम में

Useful Part

फल (कच्चे व पके दोनों), छाल, बीज

Doses

फल रस– 10–20 ml
फल चूर्ण (सूखा) – 3–5 gm
फल का काढ़ा – 20–50 ml

Important Formulation

श्लेष्मांतकादि लेप
लसोड़ा अवलेह
कंठसुधारक वटी

Shloka

श्लेष्मांतकं गुरुं स्वादुं पिच्छिलं शीतलं लघु।
कफवातहरं तच्च ग्रहण्या शोथनाशनम्॥ (भावप्रकाश निघण्टु, फलवर्ग)

Hindi Name​

लसोड़ा, गोंदी

English Name

Sebesten plum, Glue berry

Botanical Name

Cordia myxa L.

Family

Boraginaceae

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