HERBAL GARDEN

पारसिक यवानी

Classification

Synoyms

पारसिक यवानी
कृष्ण यवानी
जंगी यवानी
यवानी काली

Habit

वार्षिक, द्विवार्षिक या बहुवर्षीय झाड़ीदार पौधा

Habitat

भारत में शुष्क और समशीतोष्ण क्षेत्रों में, रास्तों और बंजर जमीन पर उगता है। यूरोप और मध्य पूर्व में भी पाया जाता है।

Morphology

  • तना (Stem): सीधे, ऊर्ध्वमुखी, खुरदरे बालों वाले
  • पत्ते (Leaves): बड़े, अंडाकार, हरे, खुरदरे, कटे हुए किनारों वाले
  • फूल (Flowers): पीले, बैंगनी रेखांकित, घंटीनुमा
  • फल (Capsule): अंडाकार, बीज युक्त
  • बीज (Seeds): छोटे, भूरे या काले, चिकने

Chemical Composition

हायोस्साइन, हायोसाइन-एन-ऑक्साइड
स्कोपोलामाइन
एंटीऑक्सीडेंट्स
फ्लेवोनॉयड्स
टैनिन्स

Guna-Karma

Rasa- कटु, तिक्त
Guna- रुक्ष, हल्का
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- वातकफशामक, स्नायुशामक, ज्वरहर, मूत्रविकारनिवारक
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्त नियंत्रक

Medicinal uses

स्नायु दर्द, गठिया और वात रोग में उपयोगी
मूत्रविकार (दुर्दर्श, मूत्रकृच्छ्र) में लाभकारी
मानसिक रोगों में तंत्रिका शांति हेतु
ज्वर और सूजन में सहायक
बाह्य रूप से लेप के रूप में दर्द निवारक

Useful Part

पत्ते, बीज, पूरे पौधे का अर्क

Doses

पत्ती क्वाथ : 10–30 मिलीलीटर (सावधानीपूर्वक)
चूर्ण : 1–2 ग्राम
अर्क : 5–15 मिलीलीटर

Important Formulation

पारसिक यवानी का क्वाथ
वातकफशामक मिश्रण
स्नायुशामक और मूत्रविकार निवारक योग

Shloka

पारसिक यवानी कटु उष्ण वातकफशामक।
स्नायुशमन ज्वरहर मूत्रल शोथनाशकः॥
"वातकफहरंतीक्ष्णंमादकंवेदनापहम्।
परासिकयवानीत्वंमनोव्याधिहरीसदा॥" (संदर्भ - निघण्टुसंग्रह, आयुर्वेदपरंपरा)

Hindi Name​

पारसिक यवानी, कृष्ण यवानी, जंगी यवानी

English Name

Black Henbane

Botanical Name

Hyoscyamus niger L.

Family

Solanaceae

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